उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। एक सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक ने तीसरी कक्षा के मासूम छात्र को ऐसी सजा दी, जिसे सुनकर हर किसी का दिल दहल जाए।

बताया जा रहा है कि मामूली गलती पर शिक्षक ने पहले छात्र को बुरी तरह पीटा, फिर उसे ‘मुर्गा‘ बनने की सजा दी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह और भी अमानवीय था। शिक्षक ने निर्दयता की सारी हदें पार करते हुए छात्र के ऊपर ही बैठ गया, जिससे मासूम का पैर बुरी तरह से टूट गया।
घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। जैसे ही बच्चे की हालत बिगड़ी, परिजनों को सूचना दी गई। घायल छात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने की पुष्टि की।
परिजनों ने शिक्षक के इस क्रूर व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और पुलिस भी हरकत में आ गए। स्थानीय प्रशासन ने शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है।
इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या स्कूलों में बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव जायज है? क्या शिक्षकों के लिए सख्त नियमों की जरूरत नहीं है? इस मामले के बाद क्षेत्र में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाता है और दोषी शिक्षक को कब तक सजा मिलती है।